घराणी |
ऋत्विक फाटक |
9 February 2010 |
तुला बोलावतो सागर तुला बोलावती वाटा |
सोनाली जोशी |
15 February 2010 |
कसाबसा मी जगतो ते |
बेफिकीर |
19 January 2010 |
पेटतो सोहळा... |
अजय अनंत जोशी |
4 March 2010 |
गझल - अनंत ढवळे |
अनंत ढवळे |
14 April 2007 |
छल्ला |
बेफिकीर |
19 February 2010 |
ईश्काची गझल |
सारंग भणगे |
30 January 2010 |
मुद्दाम भुलवणारे |
जयन्ता५२ |
22 December 2009 |
सुकावे लागले |
क्रान्ति |
6 January 2010 |
'....राहू दे मला माझा !!' |
प्रदीप कुलकर्णी |
5 May 2007 |
हरवलाच रुखवती उखाण्याचा गोडवा |
ह बा |
26 May 2010 |
'चुकलो' म्हणेन मी तर सोकावतील सारे |
चक्रपाणि |
21 May 2010 |
पांडुरंगा |
प्रशान्त वेळापुरे |
17 May 2010 |
पाखरे खाऊन गेली चाळलेल्या वेदना |
ह बा |
22 May 2010 |
थवा |
मनीषा साधू |
25 May 2010 |
माझी आई |
ह बा |
7 May 2010 |
तू |
जयश्री अंबासकर |
11 March 2009 |
रुतावे कुठे |
जयश्री अंबासकर |
1 February 2010 |
कधीच नाही |
जयश्री अंबासकर |
25 February 2010 |
निखारे |
योगेश्वर रच्चा |
24 May 2010 |
पाय ओढायला जडतात ती! |
ह बा |
24 May 2010 |
गझल : प्रा.रुपेश देशमुख |
रुपेश देशमुख |
21 May 2010 |
जपलेली हळहळ |
ह बा |
12 May 2010 |
कुणाकुणावर अजूनही तो प्रभाव होता |
अजय अनंत जोशी |
14 January 2010 |
करा साजरे वनवास काही .... |
गिरीश कुलकर्णी |
15 March 2010 |