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हा शब्दांच्या गुणसूत्रांचा दोष असावा |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
6 August 2010 |
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उगीच का प्राण.... |
अजय अनंत जोशी |
8 August 2010 |
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'' शेवटी '' |
कैलास |
31 July 2010 |
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किती सोपे मला हे प्रेम करणे वाटले होते... |
बहर |
22 July 2010 |
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'' कैलास '' |
कैलास |
1 August 2010 |
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प्रदेश... |
प्रदीप कुलकर्णी |
27 July 2010 |
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ती स्वप्नसुंदरी |
गंगाधर मुटे |
29 July 2010 |
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असे नव्हे |
मिल्या |
20 July 2010 |
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माझ्या मनात थोडे... |
केदार पाटणकर |
31 July 2010 |
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टोचले होते.. |
अजय अनंत जोशी |
28 July 2010 |
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आसवे आता न केवळ गाळती माझे नयन |
कैलास |
19 July 2010 |
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कधी स्वतःच्या ... |
अजय अनंत जोशी |
26 July 2010 |
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अंगार चित्तवेधी |
गंगाधर मुटे |
14 July 2010 |
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ही सरिता रुसली आज किनाऱ्यावरती... |
मानस६ |
31 August 2007 |
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वाटते बोलायचे राहून गेले |
कैलास |
16 July 2010 |
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आज अचानक तुझी आठवण का यावी |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
16 July 2010 |
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खुळा साज आहे.. |
बहर |
21 July 2010 |
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पाणपोई |
अनिल रत्नाकर |
21 July 2010 |
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उसवित बसले बूड कवी हे ज्या झोळ्यांचे |
ह बा |
27 May 2010 |
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छानपैकी जगून गेलो मी..... |
बेफिकीर |
4 June 2010 |
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गरीबाला कुठे सांगा कुणाला टाळणे येते? |
ह बा |
7 June 2010 |
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गोचिडांची मौजमस्ती |
गंगाधर मुटे |
23 July 2010 |
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घट अमृताचा |
गंगाधर मुटे |
15 July 2010 |
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बाकी तसा कैदेत काही त्रास नसतो 'बेफिकिर' |
बेफिकीर |
1 June 2010 |
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हा काळ हरामी मलाच गंडा घालून जातो |
कैलास गांधी |
22 July 2010 |