नवे लेखन
| प्रकार | शीर्षक |
|---|---|
| सुरेश भटांची कविता | लाभले अम्हास भाग्य बोलतो मराठी |
| सुरेश भटांची गझल | ते लोक होते वेगळे, घाईत जे गेले पुढे.. |
| सुरेश भटांची गझल | सुरेश भटांचे सूक्ष्म शेर |
सोसली मी एकतर्फी येथली नाती...
ती न होती माणसे, जी वाटली माझी
| प्रकार | शीर्षक |
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| सुरेश भटांची कविता | लाभले अम्हास भाग्य बोलतो मराठी |
| सुरेश भटांची गझल | ते लोक होते वेगळे, घाईत जे गेले पुढे.. |
| सुरेश भटांची गझल | सुरेश भटांचे सूक्ष्म शेर |