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गझल |
संकटे |
वीरेद्र बेड्से |
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गझल |
नकोच जाऊ तिथे अता तू |
सुनेत्रा सुभाष |
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गझल |
मनाला पटेना |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
पाऊल वळले... |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
असा श्वासांत येतो प्रास |
वैभव जोशी |
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गझल |
इथे असतीस तर तू..... |
बेफिकीर |
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गझल |
लपंडाव |
प्रमोद बेजकर |
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गझल |
हुंदका ओठातला पोटात नाही |
supriya.jadhav7 |
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गझल |
बहरासंगे फुलणार्या सर्व फुलांची मी कोण लागते |
सोनाली जोशी |
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गझल |
जिंदगी |
यादगार |
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गझल |
धुमसतो अद्याप माझ्या आत कोणी |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
मी न माझा राहतो |
भूषण कटककर |
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गझल |
ज्या क्षणी मी थांबलो, ती थांबली |
जयदीप |
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गझल |
काळजी |
आनंदयात्री |
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गझल |
...कुठे बेत आहे? |
ह्रषिकेश चुरी |
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गझल |
गझल - ६.(ब) : साकी मला तू असा, गळका जाम देऊ नको : दुरूस्त आणी पुनः संपादित |
खलिश |
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गझल |
कोणत्या चिमटीत मी त्याला धरू |
चित्तरंजन भट |
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गझल |
स्वप्नांच्या दुनियेत ... |
अजब |
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गझल |
कसे जगावे...? |
संतोष कुलकर्णी |
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गझल |
कविता जुळून आली.. |
बहर |
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गझल |
जशी रात्र झाली... |
केदार पाटणकर |
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गझल |
भाष्य |
कुमार जावडेकर |
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गझल |
सांग ओठास तुझी गोष्ट फुलांची बाई |
सुनेत्रा सुभाष |
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गझल |
भग्न : मधुघट |
मधुघट |
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गझल |
हा चराया |
योगेश वैद्य |