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गझल |
मरण्यात अर्थ नाही |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
अस्तित्व दान केले |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
पुढे माणसांचे यशू-बुद्ध होते |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
गोचिडांची मौजमस्ती |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
नव्या यमांची नवीन भाषा |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
मढे मोजण्याला |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
कुठे लुप्त झाले फुले-भीम-बापू? |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
घुटमळते मन अधांतरी |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
ती स्वप्नसुंदरी |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
'जग मल्लीकाचे आहे' - कवी ज्ञानेशची फर्माईश! |
गंभीर समीक्षा |
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गझल |
या द्यूतामध्ये कितिदा.. |
गणेश धामोडकर |
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गझल |
हातघाई |
गणेश धामोडकर |
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गझल |
खेळ |
गणेशप्रसाद |
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गझल |
नाटकी |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
मधाळ हाय-बायचे काय करावे... |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
... तुरुंग सारे! |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
करा साजरे वनवास काही .... |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
पुन्हा सत्य स्वप्नांस तुडवून गेले |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
गुन्हे |
गिरीश कुलकर्णी |
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गझल |
श्रीरंगा (विट्टला).. |
गौतम.रा.खंडागळे |
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गझल |
रोखुन आसवे......... |
गौतम.रा.खंडागळे |
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गझल |
जेव्हा मेघ दाटुन येते... |
गौतम.रा.खंडागळे |
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गझल |
वसंता (एक आस)... |
गौतम.रा.खंडागळे |
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गझल |
तुझ्या हस्याने मझ घायाळ केले......... |
गौतम.रा.खंडागळे |
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गझल |
वसंता........... |
गौतम.रा.खंडागळे |