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गझल |
शरपंजर |
पुलस्ति |
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गझल |
कशासाठी कुणासाठी... |
अनंत नांदुरकर खलिश |
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गझल |
तू गेल्यावर |
ऋत्विक फाटक |
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गझल |
मला माझ्या गुन्ह्याची फार मोठी स ज़ा झाली .... |
खलिश |
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गझल |
वायदे बाजार |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
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गझल |
'' बरे दिसत नाही '' |
कैलास |
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गझल |
मदार... ( गझल ) |
निरज कुलकर्णी |
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गझल |
दिसतील पंख त्याचे |
भूषण कटककर |
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गझल |
जीवना माझ्या बरोबर चालतांना |
स्नेहदर्शन |
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गझल |
...जाऊ दे मला ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
सांत्वन...( गझल ) |
mamata.riyaj@gm... |
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गझल |
काळजावर वेदनांची चाल आहे |
जयन्ता५२ |
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गझल |
रंज की जब गुफ्तगू होने लगी.. मराठी अविष्करण. |
अविनाश ओगले |
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गझल |
नकार आहे |
क्रान्ति |
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गझल |
थोडासा |
भूषण कटककर |
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गझल |
माणसे.... |
कैलास |
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गझल |
मी फुलांची रास झालो |
मानस६ |
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गझल |
पडल्यापडल्या जागोजागी उसवत आहे |
विजय दि. पाटील |
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गझल |
एकरूप |
चांदणी लाड. |
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गझल |
..... पुन्हा पुन्हा ! |
जयश्री अंबासकर |
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गझल |
...थकलास तू किती ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
प्रश्न |
कौतुक शिरोडकर |
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गझल |
शब्दांत प्राण आले |
ॐकार |
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गझल |
जीवन तेंव्हा भिजत राहते |
स्नेहदर्शन |
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गझल |
अबोल |
कैलास |