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गझल |
घर |
ज्ञानेश. |
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गझल |
ब्लॅक होल |
अलखनिरंजन |
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गझल |
ज्वानी भरात आहे, मदमस्त रात आहे...! |
मानस६ |
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गझल |
शहर झाले चांदण्याचे |
चित्तरंजन भट |
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गझल |
जाणीव |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
लिहायचे ते लिहून टाकू |
बेफिकीर |
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गझल |
श्वास |
पुलस्ति |
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गझल |
कशाला नाचते पोरी? |
कमलाकर देसले |
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गझल |
केवढी आग लागली होती |
अनंत ढवळे |
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गझल |
चालला शब्दांतुनी... |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
मनसुबे |
पुलस्ति |
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गझल |
म्हणालो त्यातले काहीच मी करणार नाही |
विजय दि. पाटील |
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गझल |
घे हमी तू....... |
गौतमी |
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गझल |
काही वेळा..... |
बेफिकीर |
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गझल |
आता ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
बत्तीस तारखेला |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
नको ... |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
मी जसा आहे तसा.. |
ऋत्विक फाटक |
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गझल |
मिठाई |
पुलस्ति |
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गझल |
जन्मतो गर्दीत आपण......संपतो गर्दीत पण |
बेफिकीर |
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गझल |
मनासारखे |
क्रान्ति |
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गझल |
गरीबाला कुठे सांगा कुणाला टाळणे येते? |
ह बा |
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गझल |
अफवा |
प्रसाद कुलकर्णी |
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गझल |
साकी मला तू असा, गळका जाम देऊ नको |
खलिश |
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गझल |
'आहॅ 'खरेच का मी ... |
संतोष कुलकर्णी |