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गझल |
मिळते कोठे ? |
कौतुक शिरोडकर |
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गझल |
रिताच पेला |
अभिषेक दीपक कासोदे |
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गझल |
...शांत समईसारखा ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
बनेल तारे.. |
बहर |
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गझल |
मनात येता विचार त्याचा उदास होते हसले तरी |
सोनाली जोशी |
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गझल |
पांडुरंगा |
प्रशान्त वेळापुरे |
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गझल |
अमल |
विजय दि. पाटील |
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गझल |
रे जीवना... |
निलेश |
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गझल |
देशील मला तू अश्रू.... |
जनार्दन केशव म्... |
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गझल |
विसावा |
जगदिश |
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गझल |
अजूनही |
केदार पाटणकर |
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गझल |
धान्य हा तर दारूसाठी माल कच्चा.. |
कैलास गांधी |
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गझल |
शब्दवीर... |
निरज कुलकर्णी |
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गझल |
हवे मधे किती छान गारवा होता..... |
खलिश |
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गझल |
ही सरिता रुसली आज किनाऱ्यावरती... |
मानस६ |
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गझल |
दे चार श्वास दे रे .. |
शाम |
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गझल |
गुपित |
पुलस्ति |
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गझल |
लोचट आशा, नेक निराशा, एक उसासा जीवन |
बेफिकीर |
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गझल |
''वेदना'' |
कैलास |
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गझल |
प्रेम बर्फासारखे... |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
पूर्वीगत पण आता काही लिहिवत नाही |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
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गझल |
खरेच राणी... |
जनार्दन केशव म्... |
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गझल |
आरंभ... |
निरज कुलकर्णी |
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गझल |
वायदे करती हजारो |
जगदिश |
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गझल |
आभास मीलनाचा.. |
गंगाधर मुटे |