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गझल |
चांदणी, चंचला, कामिनी, सुंदरा, मोहिनी, अप्सरा, कोण आहेस तू |
वैभव देशमुख |
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गझल |
घार |
भूषण कटककर |
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गझल |
मिळेल का दोन घोट पाणी..... |
अनंत ढवळे |
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गझल |
किती सुखाचे असेल |
क्रान्ति |
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गझल |
...मनातच |
संतोष कुलकर्णी |
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गझल |
दुःखाने कुठल्या समुद्र इतका हेलावतो सारखा ? |
चित्तरंजन भट |
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गझल |
हे खेळ संचिताचे .....! |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
मला येत नाही |
सलिल |
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गझल |
पौर्णिमा |
चक्रपाणि |
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गझल |
वेड तो लावून गेला (गझल) |
मनिषा नाईक. |
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गझल |
राहू दे |
मनीषा साधू |
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गझल |
पाहतो आहे पळाया दूर दुनियेहून मी |
मधुघट |
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गझल |
जे कधी न जमले मजला |
सरदेसाई |
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गझल |
तुझा दोष नाही |
क्रान्ति |
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गझल |
मी मला बजावत होतो... |
मधुघट |
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गझल |
फारसा वाटेत नाही आमचा वाडा |
बेफिकीर |
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गझल |
...का असे? |
जयन्ता५२ |
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गझल |
ऊठ तू आता तरी |
निशिकांत दे |
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गझल |
तू दिलेली सोडचिट्ठी... |
ज्ञानेश. |
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गझल |
देव नव्हता तरी... |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
स्वप्न |
धोंडोपंत |
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गझल |
छळतो अजूनही का |
जयश्री अंबासकर |
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गझल |
त्यांनी..... |
अमित वाघ |
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गझल |
मला येत नाही |
भूषण कटककर |
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गझल |
मधेच वाहते मधेच थांबते |
जयदीप |