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गझल |
न्यास |
क्रान्ति |
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गझल |
नदीला सागराची ओढ असली तर असू द्या ना |
मिल्या |
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चळ |
सदानंद डबीर |
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पुलस्ति ह्यांच्या गझला |
विश्वस्त |
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गझल |
ऐकत नाही आता हे मन... |
मधुघट |
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गझल |
कंठशोष |
पुलस्ति |
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गझल |
अनुमान! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
कसा आज अंधारही सोसवेना |
प्रसाद लिमये |
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गझल |
...मारव्याचे सूर काही ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
फार मी कुठे... |
संतोष कुलकर्णी |
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गझल |
...मी आहे तिथे ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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गझल |
श्वास झालो |
अनिल रत्नाकर |
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गझल |
मंत्र |
प्रशान्त वेलापुरे |
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गझल |
''वाटतो जरी प्रसन्न मी वरुन'' |
कैलास |
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गझल |
फक्त येवढा तिचा ... |
स्नेहदर्शन |
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गझल |
तुझा दोष नाही !!! |
supriya.jadhav7 |
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गझल |
मला मनाचे पटले नाही |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
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गझललेख |
सहज मनापर्यंत पोहोचलेले.... |
ह बा |
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गझल |
वनवास : डॉ.श्रीकृष्ण राऊत |
डॉ. श्रीकृष्ण राऊत |
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पृष्ठ |
आसवे |
विश्वस्त |
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गझल |
घोटाळा (हझल) |
अजय अनंत जोशी |
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गझल |
गझल |
मिलिंद फणसे |
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गझल |
चाललो निघून मी |
केदार पाटणकर |
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गझल |
रद्दी |
योगेश जोशी |
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कार्यक्रम |
नभाचे शब्द स्वच्छंदी - एक अप्रतिम मुशायरा - वृत्तांत |
बेफिकीर |