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गझल |
विदूषक |
प्रसाद लिमये |
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गझल |
मागील ठरे शहाणा,पुढच्यास ठेच आहे. |
कैलास |
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गझल |
इतिहास |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
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गझल |
मी मोकळा |
अलखनिरंजन |
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गझल |
गुणगुणावे मी तुला ...... |
वैभव देशमुख |
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गझल |
प्रवास |
पुलस्ति |
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गझल |
अशी कशी ही बदलत गेली सर्व माणसे |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
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गझल |
तळ |
मिलिन्द हिवराले |
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गझल |
सुखास आता तुझे नाव आहे |
जयन्ता५२ |
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गझल |
गुंता |
पुलस्ति |
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पृष्ठ |
एवढीही आठवण येऊ नये |
विश्वस्त |
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गझल |
बाजार |
आनंदयात्री |
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गझल |
खेळ ! |
प्रदीप कुलकर्णी |
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नको रातराणी नको पारीजात |
योगेश जोशी |
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गझल |
आताशा तो जरा निराळे वागत असतो |
सोनाली जोशी |
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गझल |
तिथे ये पहाटे... |
ह बा |
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पृष्ठ |
आसवे |
विश्वस्त |
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गझल |
मैत्री |
प्रसाद कुलकर्णी |
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गझल |
राजसा |
नितीन |
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गझल |
आयुष्या |
जगदिश |
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गझल |
छडा लागला रे |
सुरेश शिरोडकर |
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गझल |
सफाई पाहिजे अजुनी |
भूषण कटककर |
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गझल |
कुठे म्हणालो?... (अजब) |
अजब |
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दीनांच्या चाकरीसाठी : लोकशाहीर वामनदादा कर्डक |
अमोल शिरसाट |
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गझल |
रस्ता |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |