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गझल |
तुला समजलो ,कुठे समजली तुझी सहजता |
अनंत ढवळे |
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गझल |
चालतो ऐसा जणू .... |
ह बा |
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गझल |
कधीच नाही |
जयश्री अंबासकर |
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गझल |
अवेळी अशा.. |
ज्ञानेश. |
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गझल |
पहा, शांत झाला.. |
केदार पाटणकर |
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गझल |
असा श्वासांत येतो प्रास |
वैभव जोशी |
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गझल |
माझा मुलगा |
स्नेहदर्शन |
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गझल |
पहा दिशाही रुसून बसल्या तुझ्यासारख्या. |
सोनाली जोशी |
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गझल |
प्रश्न... |
नचिकेत |
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गझल |
फारसा वाटेत नाही आमचा वाडा |
बेफिकीर |
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गझल |
असे नव्हे |
मिल्या |
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गझल |
जीवना माझ्या बरोबर चालतांना |
स्नेहदर्शन |
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गझल |
नाव तुझ्या ओठावर... |
वैभव देशमुख |
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गझल |
गझल |
अनंत ढवळे |
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गझल |
गझल : प्रा.रुपेश देशमुख |
रुपेश देशमुख |
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गझल |
स्वप्नभूमी |
महेश बाहुबली |
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गझल |
मी जसा भेटतो |
प्रसन्न शेंबेकर |
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गझल |
सहज फिराया आलेला सासरला श्रावण. |
ह बा |
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गझल |
कशी अंकुरावीत आता बियाणे? |
गंगाधर मुटे |
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गझल |
रंग नभाचे... |
जनार्दन केशव म्... |
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गझल |
ये जवळ |
वैभव देशमुख |
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कार्यक्रम |
सस्नेह आमंत्रण- गझल सहयोगचा गझल मुशायरा - भेटलेली माणसे |
बेफिकीर |
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गझल |
विषारी केव्हढे वातावरण आहे |
चित्तरंजन भट |
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गझल |
हा शब्दांच्या गुणसूत्रांचा दोष असावा |
अनिरुद्ध अभ्यंकर |
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गझल |
शब्द माझे |
वैभव जोशी |